मालूम

आस सब छूट गईल,

दिल पूरा टूट गईल,

मर गईनी हम जीते जी .

केतना नीमन सपना रहे,

सब जग जब अपना रहे,

सबके आशा के छोड़ के,

सबसे मुंह के मोड़ के

,
मर गईनी हम जीते जीआपन भरल परल परिवार रहे

,
आपन सुखी संपन्न घर बार रहे,

सब कुछ के भूल के,

सबसे नाता…

मेरे गीत तुम्हारे पास सहारा पाने आयेंगेमेरे

बाद तुम्हे ये मेरी याद दिलाने आयेंगे,हौले हौले पांब हिलाओ जल सोआ है छेड़ो मत,

हम सब अपनी-अपनी अस्थि यहीं सिराने आयेंगे,

थोडी आंच बची रहने दो थोडा धुंआ निकलने दो,

कल देखोगे कई मुसाफिर इसी बहाने आयेंगे,उनको क्या मालूम इस सिकता पर क्या गुजरी,

गर वो आये यहाँ तो जसं मानाने आयेंगे,मेले में भटके होते तो कोई घर पहुंचा देता,

हम घर में भटके हैं कैसे ठौर-ठिकाने आयेंगे,